Saturday, 5 December 2015

स्टीफन हाकिंग- एक परिचय

स्टीफन हॉकिंग स्टीफ़न हॉकिंग Stephen Hawking CH CBE १९८० में नासा में हॉकिंग जन्म स्टीफ़न विलियम हॉकिंग 8 जनवरी 1942 (आयु 73 वर्ष) ऑक्सफोर्ड, इंग्लैण्ड निवास यूनाइटेड किंगडम राष्ट्रीयता ब्रितानी क्षेत्र सामान्य आपेक्षिकता क्वांटम गुरुत्व संस्थाएँ कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी पेरिमीटर इंस्टिट्यूट फॉर थ्योरेटिकल फिजिक्स मातृसंस्था यूनिवर्सिटी कॉलेज, ऑक्सफ़ोर्ड ट्रिनिटी हॉल, कैम्ब्रिज डॉक्टरेट सलाहकार डेनिस स्कियमा Other academic advisors रॉबर्ट बर्मन डॉक्टरेट छात्र राफेल बौस्सो फे दोव्कर गैरी गिबन्स डॉन पेज मैल्कम पेरी प्रसिद्ध कार्य हॉकिंग विकिरण विचित्रता प्रमेय अ ब्रीफ़ हिस्ट्री ऑफ टाइम (1988) (समय का संक्षिप्त इतिहास) पुरस्कार अल्बर्ट आइंस्टीन पुरस्कार (1978) वॉल्फ प्राइज़ (1988) प्रिंस ऑफ ऑस्टुरियस अवाडर्स (1989) कोप्ले मेडल (2006) प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम (2009) विशिष्ट मूलभूत भौतिकी पुरस्कार (2012) जीवन संगी जेन वाइल्ड (m. 1965–1991, तलाक) ऐलेन मैसन (m. 1995–2006, तलाक) स्टीफन विलियम हॉकिंग (जन्म ८ जनवरी १९४२), एक विश्व प्रसिद्ध ब्रितानी भौतिक विज्ञानी, ब्रह्माण्ड विज्ञानी, लेखक और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में सैद्धांतिक ब्रह्मांड विज्ञान केन्द्र (Centre for Theoretical Cosmology) के शोध निर्देशक हैं। पूर्व जीवन स्टीफ़न हॉकिंग का जन्म ८ जनवरी १९४२ को फ्रेंक और इसाबेल हॉकिंग के घर में हुआ।[1][2] परिवार वित्तीय बाधाओं के बावजूद, माता पिता दोनों की शिक्षा ऑक्सफ़र्ड विश्वविद्यालय में हुई जहाँ फ्रेंक ने आयुर्विज्ञान की शिक्षा प्राप्त की और इसाबेल ने दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र का अध्ययन किया।[2] वो दोनों द्वितीय विश्व युद्ध के आरम्भ होने के तुरन्त बाद एक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में मिले जहाँ इसाबेल सचिव के रूप में कार्यरत थी और फ्रेंक चिकित्सा अनुसंधानकर्ता के रूप में कार्यरत थे।[2][3] कार्य स्टीफ़न हॉकिंग ने ब्लैक होल और बिग बैंग थ्योरी को समझने में अहम योगदान दिया है। उनके पास 12 मानद डिग्रियाँ हैं और अमरीका का सबसे उच्च नागरिक सम्मान उन्हें दिया गया है।[4] “ मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि मैंने ब्रह्माण्ड को समझने में अपनी भूमिका निभाई। इसके रहस्य लोगों के खोले और इस पर किये गये शोध में अपना योगदान दे पाया। मुझे गर्व होता है जब लोगों की भीड़ मेरे काम को जानना चाहती है। ” —स्टीफ़न हॉकिंग[4] इच्छामृत्यु पर विचार “ लगभग सभी मांसपेशियों से मेरा नियंत्रण खो चुका है और अब मैं अपने गाल की मांसपेशी के जरिए, अपने चश्मे पर लगे सेंसर को कम्प्यूटर से जोड़कर ही बातचीत करता हूँ। ” —स्टीफ़न हॉकिंग

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