Tuesday, 10 October 2017

billions in change

अरबपति परोपकारी के इन 5 आविष्‍कारों से बदली दुनिया

aajtak.in [Edited by : आशुतोष कुमार मौर्य]नई दिल्ली, 06 October 2017

भारत में जन्‍मे अरबपति उद्यमी और परोपकारी मनोज भार्गव का यह मानना है कि जिनके पास भी धन-संपदा है, उनका यह कर्तव्‍य है कि ऐसे लोगों की सेवा करें जिनके पास धन नहीं है. इसके लिए ही उन्‍होंने बिलियन्‍स इन चेंज मूवमेंट की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्‍य दुनिया की बदकिस्मत करीब आधी आबादी के लिए ऐसे उपयोगी आविष्‍कार करना है जिनसे अरबों लोगों के जीवन की गुणवत्‍ता में सुधार हो सके. उन्‍होंने अपनी संपत्‍त‍ि का 99 फीसदी से ज्‍यादा समाज के इस वर्ग के जीवनस्‍तर में सुधार के लिए लगाने का वचन दिया है और इसके लिए वह ऐसे आविष्‍कारों के विकास और नियोजन में आर्थ‍िक सहयोग करेंगे जिनसे लोगों को अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सके.

भार्गव के जनकल्‍याण के प्रति इस विशिष्‍ट रवैए को सबसे पहले 2015 की डॉक्‍यूमेंट्री फिल्‍म बिलियन्‍स इन चेंज में दर्शाया गया था, जिसमें स्‍टेज-2. भार्गव के फार्मिंग्‍टन हिल्‍स, मिशिगन (यूएसए) स्थित इन्‍वेंशन शॉप, द्वारा तैयार चार समाधान दिखाए गए हैं, जो ऊर्जा, जल और स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़े हैं. भार्गव ने कहा, ‘प्रकाश, साफ जल और पौष्‍ट‍िक भोजन ही स्‍वास्‍थ्‍य, शिक्षा और जीविका की बुनियाद हैं.’ उन्‍होंने कहा, ‘इनके बिना उत्‍पादक जीवन जीना और अपने परिवार की देखभाल कर पाना असंभव है.’

बिलियन्‍स इन चेंज 2 इस तरह की आई पहली डॉक्‍यूमेंट्री की अगली कड़ी है और इसमें पूरी तरह से नए पांच आविष्‍कारों की जानकारी दी गई है जो कि उक्‍त बुनियादी जरूरतों का सीधा समाधान करते हैं.

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यहां डॉक्‍यूमेंट्री में दर्शाए गए पांच समाधानों पर हम एक नजर डालते हैं, जिनका फील्‍ड परीक्षण हो चुका है और जिनमें इस्‍तेमाल करने वाले लोगों का जीवन बदल सकने की संभावना है.

आइए हम आपको बताते हैं कौन से हैं ये पांच नए आविष्कार -:

1. बिजली तक भरोसेमंद पहुंच की कमी को किया गया दूर

The HANS™ PowerPack-द हंस पावर पैक एक हल्काव पोर्टेबल डिवाइस है जिससे कोई भी आसानी से बुनियादी इस्तेहमाल जैसे, लाइट, पंखा और मोबाइल डिवाइस आदि के लिए आसानी से बिजली का उत्पाकदन कर सकता है और उसे संग्रहित कर सकता है. इसमें एक स्पॉलट लाइट और रूम लाइटिंग, एक यूएसबी पोर्ट और छोटे इलेक्ट्रॉ निक्सर को चलाने के लिए 12 वोल्ट  का आउटलेट शामिल है. इसमें बने बिल्टर-इन सोलर पैनल द हंस सोलर ब्रीफकेस (the HANS™ Solar Briefcase) या द हंस फ्री इलेक्ट्रिक बाइक (the HANS™ Free Electric bike) की मदद से इसे मुफ्त में रीचार्ज भी किया जा सकता है. इसे किसी रेगुलर वॉल सॉकेट की मदद से बिजली से भी चार्ज किया जा सकता है. जिन जगहों पर 2 से 3 घंटे रोज बिजली आती है, वहां पर द हंस पावर पैक को इस दौरान चार्ज कर बाद में बिजली कटौती के दौरान इस्तेरमाल किया जा सकता है. द हंस पावर पैक का निर्माण उसी पदार्थ से किया गया है, जिससे बुलेटप्रूफ शीशे का निर्माण किया जाता है और इसमें 12 साल की वारंटी भी दी जाती है, जिससे यह काफी लंबे समय तक चलता है.

2. सौर ऊर्जा अब सबकी पहुंच में

HANS™ Solar Briefcase-हंस सोलर ब्रीफकेस एक हल्कां, पोर्टेबल और इस्ते माल करने में आसान सोलर पैनल्से का सेट है जिसके द्वारा दुनिया में कहीं भी हंस पावर पैक का इस्तेपमाल किया जा सकता है. पोर्टेबिलिटी और टिकाऊपन को ध्यारन में रखकर तैयार किए गए हंस सोलर ब्रीफकेस में उन तमाम गंभीर समस्यानओं को दूर किया जा सकता है, जिनकी वजह से सौर ऊर्जा के लिए ग्लासस रूफटॉप पैनल अव्यायवहारिक हो जाते हैं.

हंस पावर पैक और हंस सोलर ब्रीफकेस साथ मिलकर एक ऐसे मिनी पावर स्टेपशन जैसे हो जाते हैं, जिनमें न तो किसी तरह के ईंधन खरीदने की जरूरत पड़ती है और न ही प्रदूषण होता है. ये एक ऐसी समस्याक का समाधान करते हैं जिनसे दुनिया के करीब 3 अरब लोग परेशान हैं: बिजली तक भरोसेमंद पहुंच न हो पाना.

3. सभी गांवों को अब मिलेगा पेयजल

खारे जल के लिए रेनमेकर (RainMaker for Brackish Water) – गांवों में इस्तेजमाल होने वाले वाटर फिल्ट्रे शन यूनिट के द्वारा खारे जल से नमक और अन्यल खनिज निकाल दिए जाते हैं, जिससे इस जल का इस्तेरमाल पेयजल और खेती, दोनों तरह के इस्तेइमाल के लिए किया जा सकता है. इस डिवाइस को आसानी से किसी जल स्रोत से जोड़ा जा सकता है. इसके लिए किसी जनरेटर से मामूली बिजली का इस्तेतमाल किया जा सकता है और यह तत्का ल काम करना शुरू कर देता है.

4. किसी भी तरह के गंदे जल को साफ करना अब संभव

गंदे जल के लिए रेनमेकर (RainMaker for Grey water) - यह एक छोटी-सी यूनिट होती है, जिसमें किसी भी तरह के गंदे जल-जैसे नदी का पानी, सीवेज वाटर, बैक्टीीरिया से भरा पानी, कुएं का पानी, आदि को शुद्ध करने के लिए कई फिल्टेर का इस्ते्माल किया जाता है. इसे गांवों में इस्तेेमाल के लिहाज से बनाया गया है और इसे आसानी से स्थाइपित तथा इस्तेहमाल किया जा सकता है. बिजली न रहने पर रेनमेकर फॉर ग्रे वाटर को किसी मैनुअल पंप या बाइक पंप के साथ इस्तेकमाल किया जा सकता है.

5. अब किसान मुफ्त में खुद ही तैयार कर सकते हैं उर्वरक

शिवांश फर्टिलाइजर- यह आविष्कारर उन अरबों ग्रामीण किसानों की मदद करेगा जो रासायनिक उर्वरकों की कमरतोड़ महंगाई की वजह से अपने परिवार को पालने-पोषने में खुद को अक्षम पा रहे हैं. शिवांश फर्टिलाइजर उर्वरक निर्माण करने का एक आसान और बिना किसी लागत वाला तरीका है, जिसमें खेत के आसपास ही पाए जाने वाले पेड़-पौधों की सूखी लकड़ि‍यों-पत्िाने‍यों आदि, ताजी घास, फसल के अवशेष, जानवरों के मल आदि का इस्तेंमाल किया जाता है. इससे करीब 18 दिन बाद और बहुत कम रखरखाव के साथ ही एक पोषणयुक्त8 उर्वरक तैयार हो जाता है. खेतों में इस उर्वरक के इस्ते.माल से एक बुवाई सीजन के भीतर ही मिट्टी उपजाऊ हो जाती है. उर्वरक तैयार करने के इस तरीके की खोज और परिशोधन का प्रायोजक द हंस फाउंडेशन है, जो भारत के सबसे बड़े चैरिटेबल संस्था ओं में से एक है. इसे श्री भार्गव ने भी आर्थि क सहयोग दिया है.

द बिलियन्स इन चेंज के आविष्कागरों में ऐसे डिवाइस भी शामिल हैं जो पीने और खेती की जरूरत के लिए ताजा जल तैयार करने, घरों, स्कूील और कारोबारी प्रतिष्ठाजनों को मुफ्त में बिजली देने वाले प्रदूषण मुक्तन इलेक्ट्रिक जनरेटर, फसल की पैदावार, गुणवत्ता् और किसानों की आय बढ़ाने वाले कृषि तकनीक और बीमारियों की मूल वजह का समाधान करने वाले हेल्थ केयर सॉल्यु‍शन मुहैया करते हैं. द बिलियन्स  इन चेंज मूवमेंट में इसके फाउंडर मनोज भार्गव, स्टेकज 2 (फार्मिंग्टइन हिल्सं, मिशिगन में इन्वेंमशन शॉप), द हंस फाउंडेशन (भारत में तमाम समाधान इस्तेसमाल में लाने के लिए जिम्मे‍दार संगठन) और दुनिया भर के लाखों समर्थक और स्व यंसेवक शामिल हैं.

बिलियन्स  इन चेंज 2 एक 29 मिनट की डॉक्यूहमेंट्री फिल्मो है जिसका पूरे भारत के कई टीवी चैनलों पर प्रसारण किया जाएगा. ये प्रसारण किस तिथि में और किस समय होंगे, इसकी पूरी सूची और अंग्रेजी एवं हिंदी में पूरी फिल्मह या उसका ट्रेलर देखने के लिए वेबसाइट www.billionsinchange.in पर जाएं.

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